Thursday, April 7, 2011

तुम लौट कर आने का तकल्लुफ मत करना

तुम लौटकर आने का तकल्लुफ़ मत करना
मैं आऊँगा तुम्हारे पास यह वादा करता हूँ...

तुम मोहब्बत-ए-सफ़र में बनाते जाना अपने क़दमों के निशान
मैं उन क़दमों पर चलकर आऊँगा यह वादा करता हूँ...

जितनी बिताई है तुमने तन्हा रातें मेरे बिना 
उन रातों को फिर से महकाऊँगा यह वादा करता हूँ...

जो ग़लतफहमी थी हमारे-तुम्हारे बीच
जो मसले हमारे तुम्हारे बीच उलझे थे 
रोमिल उनको सुलझाऊंगा यह वादा करता हूँ...

#रोमिल

Wednesday, April 6, 2011

मैं...

उसे खोकर भी खोया नहीं हूँ मैं
रोमिल उसके जनाज़े से लिपटकर रोया नहीं हूँ मैं
कर रहा हूँ इंतज़ार उसका क़यामत तक
अपनी साँसों से रिश्ता अभी तक तोड़ा नहीं हूँ मैं...

#रोमिल

Tuesday, April 5, 2011

मासूम

बड़ा मासूम है वो शख्स रोमिल
फकीर को एक रुपिया देकर कहता है
वो महलों वाली मुझे मिल जाये यह दुआ दो!

#रोमिल

Sunday, April 3, 2011

बंदगी

सुना है लोग बंदगी से खुदा को पा लेते है रोमिल
एक हम है जो
एक इंसान को पा ना सके...

#रोमिल

Saturday, April 2, 2011

चंद मेरी दर्द भरी नज़्में

चंद मेरी दर्द भरी नज़्में पढ़ी तो, वो फूट पड़ी रो-रोकर
या रोमिल ग़र वो मेरा रोता हुआ चेहरा देख लेती  
तो न जाने उसका क्या हाल होता...

#रोमिल

Friday, April 1, 2011

कशमाकश

बड़े कशमाकश में रहता हूँ रोमिल रात भर
नींद में उसके खवाबों का मज़ा लूं
या जाग कर उसकी यादों का मज़ा लूं...

#रोमिल

Monday, March 28, 2011

छत पर सितारों की चादर बिछाते है....

ऐ सुनो
सुनो न
छत पर सितारों की चादर बिछाते है
तुम्हे अपनी गोद में लेटाते है 
देकर तुम्हारे माथे पर थपकिया
तुम्हे सुलाते है...

निहारते है रात भर तुम्हारा चाँद सा चेहरा
मेहंदी लगे हुए हाथों को प्यार से चुमते है...

खनकती हुई हाथों की चूड़ियाँ,
बजती हुई पायल... जब तुम अंगड़ाई लेती हो!!
उसकी मधुर आवाज़ सुनते है...

छत पर सितारों की चादर बिछाते है....

#रोमिल