Sunday, May 15, 2011

मरने के बाद

मरने के बाद भी उसका चेहरा-ए-नूर न देख सका रोमिल
वाह रे मेरे रब उसका पर्दा करना बड़ा कमाल का था...
***
सोचा था कि उसको अपना हमसफ़र बनायेंगे रोमिल 
पता न था उसे तो हमारा रब बनने की चाह थी...
***
इस ज़िन्दगी में तो उसको भूल पाना नामुमकिन हैं रोमिल
मौत के बाद क्या होगा यह देखा जायेगा...

#रोमिल

Saturday, May 14, 2011

मोहब्बत-ए-फ़रिश्ता

मुझसे बिछड़ा और उफ्फ़ तक न की उसने रोमिल,
उसका हमसफ़र कोई मोहब्बत-ए-फ़रिश्ता ही होगा...

#रोमिल

Wednesday, May 11, 2011

कत्ल करके मेरा

कत्ल करके मेरा वो कुछ इस तरह मिलता है रोमिल 
जैसे तूफ़ान के बाद सन्नाटा मिलता है!

#रोमिल

Tuesday, May 10, 2011

yeh kaha mere mehboob jaisa hai...

Yeh alag baat hai iska ehsaas uske jaisa hai
magar hu-ba-hu yeh kaha mere mehboob jaisa hai...

mere gunn jaisa hai...

#Romil

यह अलग बात है इसका एहसास उसके जैसा है 
मगर हू-ब-हू यह कहां मेरे महबूब जैसा है... 

मेरे गुन जैसा है...

#रोमिल

Monday, May 9, 2011

क़ाश

मेरे शहर का मौसम इतना बेरुखा नहीं होता,
क़ाश, आप जैसा कोई मेरे शहर में होता.

मुझे सपनो से मोहब्बत नहीं होती,
क़ाश, आप जैसे का दीदार होता.

हुस्न वाले तो बहुत है मेरे शहर में,
क़ाश, आप जैसा कोई दिलवाला होता.

किसी को नज़रे उठाकर अब मैं देख नहीं सकता,
खुदा कसम,
क़ाश, मेरी नजरों में आपका सपना नहीं होता.

मेरे शहर का मौसम इतना बेरुखा नहीं होता रोमिल,
क़ाश, आप जैसा कोई मेरे शहर में होता !!!

#रोमिल

Sunday, May 8, 2011

रूह से रूह की मोहब्बत होगी

"न मिल सके इस जहाँ में तो क्या,
उस जहाँ में तुझसे मुलाक़ात होगी,

न हो सके तू मेरी इस जहाँ में तो क्या,
उस जहाँ में तू मेरी होगी,

रब के सामने तुझे अपना बनाना है मुझे रोमिल,
न मिल सके यह जिस्म तो क्या,
उस जहाँ में रूह से रूह की मोहब्बत होगी"

#रोमिल

Saturday, May 7, 2011

मैं अपनी हर ख़ुशी को गम का लिबाज़ पहना सकता हूँ...

"न मैं तेरे लिए ताजमहल बना सकता हूँ,
न मैं तेरे लिए दौलत का महल बना सकता हूँ,
जान भी नहीं दे सकता मैं मुहब्बत में तेरे लिए,
क्योंकि मैं अपनी मुहब्बत का मजाक नहीं बना सकता हूँ,
बस सजा यही होगी मेरी रोमिल,
तड़पता रहूँ तेरी मुहब्बत में,
मैं अपनी हर ख़ुशी को गम का लिबाज़ पहना सकता हूँ..."

#रोमिल