Tuesday, August 9, 2011

तेरा मेरा रिश्ता राधा-कृष्ण जैसा...

तेरा मेरा रिश्ता
राधा-कृष्ण जैसा,
रब के घर में यह चर्चा, 
राधा-कृष्ण जैसा.
चाहे चाँद से, चाहे सितारों से पूछो,
चाहे आसमान से, चाहे बादलो से पूछो,
चाहे फूल से, चाहे बागों से पूछो,
चाहे इस दुनिया के जर्रे-जर्रे से पूछो,
सब कहेंगे कि 
तेरा मेरा रिश्ता
राधा-कृष्ण जैसा.


हमारा इश्क,
हमारी वफाएं ,
हमारा विश्वास,
दूर-दूर है हम-तुम बस एक- दूसरे का एहसास 
यही तेरा-मेरा आसरा जैसा,
यह आसरा 
राधा-कृष्ण जैसा.

क्यों इतना खामोश रहती हो,
क्यों व्योग में जलती रहती हो,
क्यों मिलन के लिए 
तड़पती हो,
रब खुद यह कहता है रोमिल,
तेरा मेरा रिश्ता
राधा-कृष्ण जैसा.

#रोमिल

Monday, August 8, 2011

तेरे लिए...

आज भी आधा बिस्तर खाली छोड़ कर सोता हूँ तेरे लिए
आज भी चारपाई के सरहाने सुरहाई में पानी भरकर रखता हूँ तेरे लिए
आज भी मेज की पहली दराज़ में टूटा हुआ चश्मा, दूर की नज़र वाला रखा हुआ है तेरे लिए
आज भी चारपाई के सामने वाली खिड़की पर वही नीले सितारों रंग वाला पर्दा लटका रखा है तेरे लिए   
आज भी गुलदान में गुलाब के फूल सज़ा कर रखता हूँ तेरे लिए
आज भी मेज के किनारे तेरी पसंद की किताबें रखी है तेरे लिए
आज भी घर से निकलने से पहले खाली फ़्रेम पर फूल चढ़ाना नहीं भूलता हूँ तेरे लिए...

आज भी लोग राज को पागल समझते है
आज भी राज मुस्कुराकर सबके सवाल टाल जाता हूँ
आज भी... तेरे लिए...

#रोमिल

Thursday, August 4, 2011

रमजान आ गया, रमजान आ गया .

उम्मीदों का फिर चाँद नज़र आ गया,
रमजान आ गया, रमजान आ गया.
~*~
अल्लाह से मिलने का दिन आ गया,
रमजान आ गया, रमजान आ गया.
~*~
इबादतों का दिन आ गया,
रमजान आ गया, रमजान आ गया. 
रोमिल रमजान आ गया, रमजान आ गया.   

Friday, July 29, 2011

कभी हम पर भी यकीन दिखाया करो!

दिल में कोइए बात हो तो बताया करो
आंसू को अकेले मत बहाया करो
यूँ तो दुनियाभर पर यकीन करते हो तुम रोमिल
कभी हम पर भी यकीन दिखाया करो!

Thursday, July 28, 2011

तेरी पत्थर की मूर्ति बनाऊ, तेरी पूजा करू...

तेरी पत्थर की मूर्ति बनाऊँ
तेरी पूजा करूँ...
दिन-रात जपु नाम तेरा
तेरा पैर धो-धो पियूँ
तेरी पत्थर की मूर्ति बनाऊँ
तेरी पूजा करूँ...
~
प्यार के फूलों से सजाऊँ तुझे
खुशियों के रंग लगाऊँ तुझे
आरती उतारू सुबह-शाम तेरी
तेरी पूजा करूँ...
तेरी पत्थर की मूर्ति बनाऊँ
तेरी पूजा करूँ...
~
दुनिया के तानो की मुझे कोई परवाह नहीं अब रोमिल
मैं तो हूँ पुजारी तेरा यह सबको बताऊँ
प्यार होगा अमर मेरा
दुनिया को दिखलाऊँ
तेरी पत्थर की मूर्ति बनाऊँ
तेरी पूजा करूँ...

#रोमिल

Wednesday, July 27, 2011

तुम ठीक ही कहती हो...

तुम मुझे कायर कहती हो
तुम ठीक ही कहती हो...
~
जो पल हमने साथ बीताये वो जाया गए
तुम ठीक ही कहती हो...
~
मैं तो हूँ तकदीर के हाथों का खिलौना
तुम ठीक ही कहती हो...
~
जिसने जैसा चाहा सजने के लिए मैं वैसा सज गया
जो मिला खाने को वही खा लिया
जहाँ कहाँ सोने के लिए मैं वही सो गया
मेरा खुद का कोई रंग-रूप नहीं
तुम ठीक ही कहती हो...
~
जो चीज़ मैं चाहूँ वो पा नहीं सकता हूँ
अपनी मोहब्बत का इज़हार भी सर-ए-बाज़ार नहीं कर सकता हूँ
न मेरी कोई आरज़ू हैं
न मेरा कोई सपना हैं
मैं तो एक खिलौना हूँ
जो जितनी चाभी भरे मैं उतना ही चलता हूँ
तुम ठीक ही कहती हो रोमिल...
मैं तो एक कायर हूँ
तुम ठीक ही कहती हो रोमिल...

#रोमिल

Monday, July 25, 2011

सहमा सहमा हर लम्हा सा लगता है

▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
सहमा-सहमा हर लम्हा सा लगता है
तेरे बिना सब कुछ भीखरा सा लगता है...

एक पल देख लूं उसे तो जी उठूंगा
भुझती हुई आँखों को यह एहसास सा लगता है...

और कुछ नहीं हासिल हुआ उम्र के तजुर्बे से मुझे
दो वक़्त की रोटी के लिए आदमी देश-विदेश भटकता है…

कल पूछ बैठा कोई मुझसे तस्वीर तेरी देखकर
तेरा इससे कोई दर्द का रिश्ता लगता है...

(⁀‵⁀) .
.`⋎´

▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[रोमिल]▬▬▬