Saturday, November 12, 2011

फिर फूल झड़ने लगे...

रोमिल, उनकी बातों से फूल झड़ते थे
दिल की आरज़ू हैं कि फिर फूल झड़ने लगे...

#रोमिल

Friday, November 11, 2011

तुम भी वीरान हो गए हो !

रोमिल, अगर मेरा भी दिल-ए-आशियाना उजड़ा है
आँखें यह भी कहती है कि तुम भी वीरान हो गए हो !

#रोमिल

Thursday, November 10, 2011

बिखर कर दूसरे की ज़िन्दगी में खुशबू लाते है...

"रोमिल, कांटे हमेशा डाली के साथ लिपटे रहते है...
मगर फूल हमेशा बिखर जाते है और बिखर कर दूसरे की ज़िन्दगी में खुशबू लाते है..."

#रोमिल

Wednesday, November 9, 2011

मैं खुश हूँ उसे खुश देखकर...

रोमिल, अपने दिल-ए-अरमान को सर-ए-दुनिया में बेचकर
मैं खुश हूँ उसे खुश देखकर...

#रोमिल

Tuesday, November 8, 2011

सुकून

ग़र मंदिर में सुकून मिलता
ग़र मस्जिद में सुकून मिलता
तो रोमिल, इंसान घर क्यों जाता?

#रोमिल

Monday, November 7, 2011

आदत

उसे जो झूठ बोलने की आदत पड़ गई हैं रोमिल,
कसूर मेरा था जो उसकी हर बात पर ऐतबार कर लेता था.

#रोमिल

Sunday, November 6, 2011

सच्चाई का मैं आइना था...

पत्थर का छोटा सा टुकड़ा भी मुझे तोड़ जाता था रोमिल
सच्चाई का मैं आइना था...

#रोमिल