Monday, March 26, 2018

हमारी उंगली साहिल पे है...

हमारी उंगली साहिल पे है... 
ज़िद है इसी की रेत पे अपना नाम लिखेंगे... 
सागर की लहरों को जो बिगाड़ना है बिगाड़ ले...

#रोमिल

गीली लकड़ी में बहुत तेज़ धुआँ होता है...

मत करो उसे और ज़लील 
वह पहले से ही अपनी अंतरात्मा से जल रहा है... 
गीली लकड़ी में बहुत तेज़ धुआँ होता है...

- राज 

Sahil pe khade tamasbeen bane raho...

In lehron se mat khelo...
Kahi aisa na ho Sagar tumko baha kar le jaye...

Sahil pe khade tamasbeen bane raho...

#Romil

इन लहरों से मत खेलो...
कहीं ऐसा ना हो सागर तुमको बहाकर ले जाये...

साहिल पे खड़े तमाशबीन बने रहो...

#रोमिल

kr diya sare aam zalil ghatiya se msg ne .

"Pad gai kaleje thandak.mil gai shanti.kr diya sare aam zalil ghatiya se msg ne .manao jashan aab."

Hamari kaum mein sirf Jism hi 
pak-sharafat ki pehchan nahi hota hai...
Juban bhi Adab, Tehzeeb aur Bandagi se saji hoti hai...

Aap-Aap... Haanji-Haanji Karti hai...

#BestAnswers
#Romil

Saturday, March 24, 2018

जिसे मैं पाने की कोशिश हर बार करता रहा...

जिसे भुलाने की कोशिश मैं हर बार करता हूँ... 
वोह हर बार मेरे ख्यालों में आया.. 

दूर जिससे जाने की कोशिश मैं हर बार करता हूँ... 
वोह हर बार मेरे सामने आया... 

यह कैसा इत्तेफ़ाक़ है रब 
जिसे मैं पाने की कोशिश हर बार करता रहा... 
वोह हर बार मुझसे दूर होता गया... 

#रोमिल अरोरा

Yeh meri Vaishnav wali hai...Sach se Rubaru...

Yeh meri Vaishnav wali hai...

"Maa, NaaZ, GuNn..."

har pal apna inki kripa-chaav mein bitata hun...

#Romil Arora

Pehle kitne sacche shabd hote the tumhare...

Pehle kitne sacche shabd hote the tumhare...
Ab kitne banawati shabd hote hai tumhare...

Pehle kitna sukun deta tha, mere kandhe pe sar tumhara...
Ab naag sa haar lagta hai baahon ka ghera tumhara...

Pehle tera chehara dekhne ko tarasti thi nazre hamari...
Ab tumse nazre churati hai nazre hamari...

Pehle tum bina baat pe yaad aa jaate the...
Ab tumse baat karne ko katrati hai juban hamari...

- Romil RaJ

Friday, March 23, 2018

आपकी आँखों में जो आँसू हैं

आपकी आँखों में जो आँसू हैं
यह आँसू नहीं प्यार की निशानी है... 
~
चेहरे पर जो उदासी हैं 
महफ़िल में भी तन्हाई के आलम हैं... 
कुछ और नहीं 
यह प्यार की निशानी है... 
~
अपनों में भी बेगानापन लगने लगता है... 
जैसे हर पल किसी का इंतज़ार हैं 
कुछ और नहीं 
यह प्यार की निशानी है... 

- रोमिल राज

मिट्टी के रिश्ते भुलाए नहीं जाते

मिट्टी के रिश्ते भुलाए नहीं जाते 
कुछ रिवाज़ ऐसे होते है जो तोड़े नहीं जाते... 

इंसान चाहे जितना भी आगे चले जाये
कुछ पैरों के निशान रह जाते है, जो मिटाये नहीं जाते... 

#रोमिल

Thursday, March 22, 2018

हम तो छुप-छुप कर तेरी बातें किया करते हैं...

हम तो छुप-छुपकर तेरी बातें किया करते हैं... 
न जाने कैसे महफ़िल में खबर हो जाती हैं... 
***
हम तो छुप-छुपकर रो लिया करते हैं... 
न जाने कैसे ज़माने को खबर हो जाती है... 
***
हम तो छुप-छुपकर उनको देखा करते हैं... 
न जाने कैसे दोस्तों को खबर हो जाती हैं...
***
हम तो छुप-छुपकर लिखते हैं उनको खत... 
न जाने कैसे उनको ख़बर हो जाती हैं... 

#रोमिल

फ़ितरत

फ़ितरत बदल जाए हसीनों की यह हो नहीं सकता... 
दिल खेलने वाले, दिल लगाए यह हो नहीं सकता... 

#रोमिल