Thursday, April 14, 2011

खैरात...

रोमिल फकीर हूँ, बड़ी आस लेकर तेरे दर पर आया हूँ
खैरात समझ कर ही दे दे मुहब्बत की भीख मुझे...

#रोमिल

Tuesday, April 12, 2011

रिश्ता

यह कह कर उससे रिश्ता तोड़ दिया था मैंने रोमिल
दिल के हाथों मजबूर हूँ
दिल के हाथों बिका नहीं हूँ...

#रोमिल

Monday, April 11, 2011

मजबूर

दो रोटी का चाहतदार था वो
भूख से गिरफ्तार था वो  
गुनहगार नहीं 
चोर नहीं 
रोमिल हालातों से मजबूर था वो

#रोमिल

Sunday, April 10, 2011

सितम

करीब से गुज़र जाती है मगर बात नहीं होती
सितम भी ऐसे करती है जिसकी कोई मिसाल नहीं होती
वो तो सो जाते है तकिये से लिपटकर रोमिल
एक हम है जो उनके खवाबो में जागते रहते है अपनी मोहब्बत की कभी रात नहीं होती!

#रोमिल

Saturday, April 9, 2011

रूह-ए-मोहब्बत

उफ़ उसकी बेरुखी ने इस कदर मेरे दिल में सन्नाटा फैला दिया 
वोह पास से गुज़ारा एक आहट न सुनाई दिया...

क़दमों में बांध रखी थी उसने आंसू की ज़ंजीर
मुझको कभी आंसू के समुंदर में उतरने न दिया...

औरों के डर से उसने कर लिया मुझसे किनारा
दुनिया में मुझे बदनाम होने न दिया...

उसे बेवफा कहूँ तोह कैसे कहूँ रोमिल
रूह-ए-मोहब्बत में उनसे मुझे पाक कर दिया...

Friday, April 8, 2011

मुझे उस शख्स से रूठना नहीं आता

मुझे उस शख्स से रूठना नहीं आता
रिश्ता तोड़ना, बिखराना नहीं आता...

माना की वो अपना घर छोड़कर चला गया है रोमिल
मेरे घर का मसला है
किसी दूसरे के घर बैठकर सुलझाना नहीं आता...

#रोमिल

Thursday, April 7, 2011

तुम लौट कर आने का तकल्लुफ मत करना

तुम लौटकर आने का तकल्लुफ़ मत करना
मैं आऊँगा तुम्हारे पास यह वादा करता हूँ...

तुम मोहब्बत-ए-सफ़र में बनाते जाना अपने क़दमों के निशान
मैं उन क़दमों पर चलकर आऊँगा यह वादा करता हूँ...

जितनी बिताई है तुमने तन्हा रातें मेरे बिना 
उन रातों को फिर से महकाऊँगा यह वादा करता हूँ...

जो ग़लतफहमी थी हमारे-तुम्हारे बीच
जो मसले हमारे तुम्हारे बीच उलझे थे 
रोमिल उनको सुलझाऊंगा यह वादा करता हूँ...

#रोमिल