Monday, April 25, 2011

ताश के पत्ते

ताश के पत्ते की तरह 
खेला हैं वो मेरी ज़िन्दगी से रोमिल... 
जीता तब भी महफ़िल में छोड़ गया 
हारा तब भी मुझको वही फेंक गया...

#रोमिल

Saturday, April 23, 2011

इससे बड़ी और क्या बंदगी होगी!

रोमिल, मैं हर ज़ख्म को तेरी रहमत समझ लेता हूँ 
इससे बड़ी और क्या बंदगी होगी!

#रोमिल

Friday, April 22, 2011

नमाज़े इस तरह अदा करता हूँ मैं...

रोमिल, इश्क की मस्जिद बनाई है मैंने
हर पत्थर पर तेरा नाम लिखा है मैंने
रोज़ उसमे तेरी इबादत करता हूँ मैं
नमाज़े इस तरह अदा करता हूँ मैं... 

Thursday, April 21, 2011

कुछ नहीं हासिल होता

उसकी मौत के बाद तुमको यह पता चल गया होगा रोमिल
कुछ नहीं हासिल होता किसी को बर्बाद करने में...

#रोमिल

Wednesday, April 20, 2011

दिल में मलाल तो बस इस बात का रह गया

दिल में मलाल तो बस इस बात का रह गया रोमिल 
ज़िन्दगी लुटाई तो एक बेवफा के लिए...

#रोमिल

Tuesday, April 19, 2011

कौन किसका होता हैं...

कौन किसका होता हैं...
सूख जाये अगर फूल तो पेड़ भी गिरा देता हैं
कौन किसका होता हैं...
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जाने वाला तो दुनिया छोड़ कर चला जाता हैं 
रोने वाला दो दिन बाद भूल जाता हैं 
कौन किसका होता हैं...
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यह जवानी भी दो-चार घड़ी साथ देती हैं
फिर बुढ़ापे की दहलीज़ पर दम तोड़ देती हैं 
कौन किसका होता हैं...
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जब तक दिल बहलाना हो तो लोग इश्क करते हैं रोमिल  
जब दिल भर जाता हैं तो हमसफर भी साथ छोड़ देता हैं
कौन किसका होता हैं...

#रोमिल

Monday, April 18, 2011

कोइए फूल, खिले बिना ही टूट गया

कोइए फूल, खिले बिना ही टूट गया 
कोइए खवाब पूरा हुआ बिना ही रह गया 
हम बेगानों से कुछ इस तरह मिले कि 
अपनों से रिश्ता ही टूट गया...
रात की डोली में कुछ ऐसे सवार हुए 
सवेरे से हाथ ही छूट गया 
जाए तो अब जाए किदर रोमिल  
रास्ते में तन्हा खड़े हैं 
कारवां से नाता ही टूट गया...