Thursday, September 15, 2011

पत्थर समझकर

पत्थर समझकर जिसे तुम ठुकराकर चल दिए रोमिल 
उसे पूजने वाले हैं बहुत 
उसकी इबादत करने वाले हैं बहुत....

#रोमिल

Wednesday, September 14, 2011

फूलों को भी काँटों का दर्द पता होना चाहिए

बहारों से कभी फुरसत मिले तो हमसे भी पल दो पल गुफ्तगू कर लेना
फूलों को भी काँटों का दर्द पता होना चाहिए रोमिल...

#रोमिल

Tuesday, September 13, 2011

अक्सर...

हम रातों को शमा जलाते हैं
भुझाते हैं अक्सर...
तुम्हारे यादों में रोते हैं
मुस्कुराते हैं अक्सर...
***
यूँही कट रही हैं ज़िन्दगी अपनी
जैसे साहिल पर लोग आते हैं जाते हैं अक्सर...
***
लोग क्या जाने, क्या छुपा हैं दर्द दिल में हमारे
वो पढ़ते हैं चेहरे अक्सर...
***
रास्तों पर तन्हा चलने का गम कोई हमसे पूछे
मंजिल पर आकर, हार जाते हैं हम अक्सर...
***
हम चाहते थे आसमान में लिख दे मोहब्बत-ए-दास्तान
हमारे दुश्मन बने हैं हमारे खानदानवाले अक्सर...
***
हम रातों को शमा जलाते हैं
भुझाते हैं अक्सर...
तुम्हारे यादों में रोते हैं
मुस्कुराते हैं अक्सर...

#रोमिल

Monday, September 12, 2011

Zillat Ki Itni Baarish Ho chuki Hai Humpar

Zillat Ki Itni Barish Ho Chuki Hai Hum par,
Ki Ab Hum Kuch Dhul Se Gaye Hai 

Aur 

Waise Bhi Ek Bheega Hua Aadmi Barsaat Se Kyon Dare...

#Romil

ज़िल्लत की इतनी बारिश हो चुकी है हम पर, 
की अब हम कुछ धुल से गए हैं.. 

और 

वैसे भी एक भीगा हुआ आदमी बरसात से क्यों डरे...

#रोमिल

दोस्ती के वादे भी कितने अजीब होते हैं.

रोना चाहूँ तब भी रो नहीं पाता हूँ रोमिल,
दोस्ती के वादे भी कितने अजीब होते हैं.

#रोमिल

Saturday, September 10, 2011

अजनबी से मिलते हैं!

रोमिल, सब ही अपनों से मिलते हैं
मज़ा तो तब आता हैं जब लोग अजनबी से मिलते हैं!

#रोमिल

Friday, September 9, 2011

तहज़ीब

तहज़ीब के शहर से आया हूँ, 
कुछ और नहीं बस तहज़ीब ही साथ लाया हूँ !

#रोमिल