Wednesday, September 28, 2011

यहाँ जो डूब जाता हैं फिर उभरता नहीं...

क्यों अपनी डूबी हुई ज़िन्दगी का किनारा तलाशते हो रोमिल
यह मोहब्बत-ए-सागर हैं, यहाँ जो डूब जाता हैं फिर उभरता नहीं...

#रोमिल

Tuesday, September 27, 2011

ज़िन्दगी

ज़िन्दगी तो सारी कटी दुखों में रोमिल,
आखिरी वक़्त क्या ज़िन्दगी-ए-हालात पर रंज करें !

#रोमिल

Monday, September 26, 2011

यही जो लोग रोमिल तुझे अपने ख़ास लगते हैं

यही जो लोग रोमिल तुझे अपने ख़ास लगते हैं
यही तो मुझको बदनाम करते हैं...
***
जो तुम्हारी नज़रों में नेकी-ए-खुदा बनते हैं
यही तो मासूमो को बुरा बनाया करते हैं...
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शराफत का पहन रखा हैं जिन्होंने चोला
यही तो मुझसे बुरी बात किया करते हैं...
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इत्तेफाक की बात हैं या उनकी साज़िश
जब भी हम गुनेहगार होते हैं
हाथों के निशान इनके ही मिला करते हैं...

#रोमिल

Saturday, September 24, 2011

गम मेरे आस -पास ही रहता है

ख़ुशी की खबर मुझे चुपके - चुपके सुनाया करो रोमिल,
ग़म मेरे आस -पास ही रहता है,
कहीं भागा न चला आये!

#रोमिल

Friday, September 23, 2011

जुबान से उसको क्या सुनाये हाल-ए-दिल

जुबान से उसको क्या सुनाये हाल-ए-दिल रोमिल
सुना है मोहब्बत वाले नज़रों से हाल-ए-दिल पढ़ लेते है...

#रोमिल अरोरा

Thursday, September 22, 2011

फिर दीवानेपन की हसरत जाग रही हैं

फिर दीवानेपन की हसरत जाग रही हैं
सच पूछो तो मोहब्बत जाग रही हैं...
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हसीनो का तो काम होता हैं जलाना
सच पूछो तो परवाने की जलने की तमन्ना जाग रही हैं...
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ऐसा कहाँ कोई मिला जो दर्द न दे
सच पूछो तो दर्द को फिर अपनाने की आरज़ू जाग रही हैं...
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चाहत तो कहती हैं कि सब कुछ लूटा दूं रोमिल 
बरसों से जो खामोश थी ख़ामोशी जाग रही हैं...

फिर दीवानेपन की हसरत जाग रही हैं
सच पूछो तो मोहब्बत जाग रही हैं...

#रोमिल

Wednesday, September 21, 2011

मेरी ज़िन्दगी को मजबूरियों का घर मत कहो

मेरी ज़िन्दगी को मजबूरियों का घर मत कहो
यह ज़िन्दगी है मेरी, इसे सजा मत कहो.
~
छोड़ जाते है सब मेरा साथ, मेरी मजबूरियों की वजह से
तुमको खुदा की कसम है किसी को भी बेवफा मत कहो.
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हूँ अपनों की नज़र में निकम्मा-नाकारा
तुम मेरे अपनों को गलत मत कहो.
~
जो हँसना है मुझपर हंस लो
जो कहना है मेरे सामने कह लो
मेरे पीछे मुझे बुरा मत कहो.
मुझ पर हंसा मत करो रोमिल...
मुझ पर हंसा मत करो रोमिल...

#रोमिल