Thursday, June 16, 2011

इन दिनों

हूकू से मिलाने की लगन लगी हैं इन दिनों 
अजीब सी हसरत हुई हैं इन दिनों...
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तू भी नज़र नहीं आती आजकल नाज़
लगता है बादलों ने छुपा रखा हैं तुझे इन दिनों...
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इंतज़ार की नींद में खोया रहता हूँ
रात जागते-जागते कटती हैं इन दिनों...
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कैसे हो अपना मिलन हूकू
रब बना हैं दुश्मन अपना इन दिनों...
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न जाने कैसी होगी हूकू
खबर भी नहीं देता कोइए उसकी इन दिनों...
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अब किसी से लड़ने-झगड़ने का मन नहीं करता रोमिल 
खुद में ही उलझा रहता हूँ इन दिनों...

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