Sunday, May 8, 2011

रूह से रूह की मोहब्बत होगी

"न मिल सके इस जहाँ में तो क्या,
उस जहाँ में तुझसे मुलाक़ात होगी,

न हो सके तू मेरी इस जहाँ में तो क्या,
उस जहाँ में तू मेरी होगी,

रब के सामने तुझे अपना बनाना है मुझे रोमिल,
न मिल सके यह जिस्म तो क्या,
उस जहाँ में रूह से रूह की मोहब्बत होगी"

#रोमिल

Saturday, May 7, 2011

मैं अपनी हर ख़ुशी को गम का लिबाज़ पहना सकता हूँ...

"न मैं तेरे लिए ताजमहल बना सकता हूँ,
न मैं तेरे लिए दौलत का महल बना सकता हूँ,
जान भी नहीं दे सकता मैं मुहब्बत में तेरे लिए,
क्योंकि मैं अपनी मुहब्बत का मजाक नहीं बना सकता हूँ,
बस सजा यही होगी मेरी रोमिल,
तड़पता रहूँ तेरी मुहब्बत में,
मैं अपनी हर ख़ुशी को गम का लिबाज़ पहना सकता हूँ..."

#रोमिल

Friday, May 6, 2011

अनजाना चेहरा...

अनजाना चेहरा

एक चेहरा हमेशा मेरी आँखों के सामने परछाई बना रहता है,
उस हसीं चेहरे पर मैं अपना नाम लिखना चाहता हूँ...

निगाहें उसकी,
ख़ामोशी में भी बातें किया करती है,
वोह हसीं चेहरा हमेशा ग़ज़ल कहता है...

शोख़ लम्हों को भी, दिल में उतार लेता है,
वोह हसीं चेहरा बारिश में धुंधला-धुंधला दिखता है...

फूल भी उसके सामने कुछ न होगा,
वोह हसीं चेहरा तो खुद गुलाब कहलाता है...

बहुत दूर है मुझसे, कभी रोशनी में मुझे दिखता नहीं रोमिल,
वोह अनजाना चेहरा मगर मेरे मन के  दर्पण में रहता है...

#रोमिल

Thursday, May 5, 2011

बड़ा नसमझ है

अंधेरों में उजाले ढूढता है
बड़ा नसमझ है गुज़रे ज़माने ढूंढता है

ग़मों की गलियों में रहता है 
बड़ा नसमझ है ख़ुशी के खजाने ढूंढता है

मुक़द्दर ही रहा है जिसका कसूरवार
बड़ा नसमझ है हाथों में तकदीर की लकीर ढूंढता है

भला इस ज़माने में कौन किसका होता है रोमिल 
बड़ा नसमझ है अजनबियों में रिश्ते ढूंढता है...

#रोमिल

Tuesday, May 3, 2011

मैं भी खुशनसीब होता

मैं भी खुशनसीब होता
दो घडी के लिए साथ जो आपका होता
मैं भी खुशनसीब होता...

गम की बगिया में खुशियों के फूल खिलते
बिछडे हुए गर दो प्रेमी किसी गली में मिलते
चेहचहाता यह गगन सारा 
महक उठता यह चमन सारा
दो घडी के लिए साथ जो आपका होता
मैं भी खुशनसीब होता...

बारिश में भीग जाते जो तुम
किसी मुन्देरी के नीचे जो होते हम तुम
मेरा कोट तेरे बदन को धक् रहा होता
दो घडी के लिए साथ जो आपका होता
मैं भी खुशनसीब होता...

रेत पर छपे होते जो पाँव के निशान तेरे
समुन्दर में लहरों का उमड़ना होता
हवाओ में उडता जो दुपट्टा तेरा
मेरे कदमो में पड़ा होता...
दो घडी के लिए साथ जो आपका होता
मैं भी खुशनसीब होता रोमिल...

#रोमिल

Sunday, May 1, 2011

आँखें भिगो लेने दो फिर सो जाऊँगा...

आँखें भिगो लेने दो फिर सो जाऊँगा
थोडा सा रो लेने दो फिर सो जाऊँगा...

कागज़ पर बना लूं उसकी तस्वीर फिर सो जाऊँगा
दो-चार शिकवे उसको सुना लूं फिर सो जाऊँगा...

पुराने ज़ख्मो को कुरेद लेने दो फिर सो जाऊँगा
उसकी यादों में गिरफ्तार हो लेने दो फिर सो जाऊँगा...

दरवाज़ों को खुला छोड़ दूं उसके इंतज़ार में फिर सो जाऊँगा
रोमिल आज फिर उसके लौट आने का भ्रम दिल को दिला लूं फिर सो जाऊँगा...

#रोमिल

ख्वाइश...

चाँद को पाने की ख्वाइश तो सब रखते है रोमिल,
 मगर हम चाँद की गोद में सोना चाहते है !

#रोमिल