Thursday, November 24, 2011

क्या करूं...

यह साल भी बीता बिना बरसात के
मैं आंसू न बहाऊ तो क्या करूं...
*!*
इंतज़ार में कटती नहीं रातें
मैं शमा न जलाऊ तो क्या 
करूं...
*!*
उनसे जब पूछे बेवफाई की वजह हैं क्या
वो तब भी कुछ न बताये तो क्या 
करूं...
*!*
यूंह तो तेरी महफ़िल में मिलते हैं सब गले
कोई दिल से नहीं मिलता तो क्या 
करूं...
*!*
कोई नहीं हैं अपना इस शहर में
तेरा शहर न छोड़ जाऊं तो क्या 
करूं...

#रोमिल

Wednesday, November 23, 2011

इकरार – ए – मोहब्बत

"इकरार – ए – मोहब्बत करके तो देख रोमिल,
ज़िन्दगी का रुख ही बदल जायेगा,
जो तुझे आज लगता है ज़माने से डर,
कल देखना ज़माना खुद तुझसे डर जायेगा”

#रोमिल

Saturday, November 19, 2011

दर्द इतना बढ़ गया है कि अब क्या सुनाये

दर्द इतना बढ़ गया है कि अब क्या सुनाये,
आँखें हो गई है पत्थर, कितना इंतज़ार और हम कर पाए,
मर जाने दो, बस खुली रहेंगे आँखें हमारी,
तुम्हारे इंतज़ार में बोलो इससे ज्यादा और क्या कर जाये!
बोलो! बोलो ! बोलो रोमिल !

Thursday, November 17, 2011

क़ाश

रोमिल, क़ाश रब करे ऐसा हो जाये,
तू मेरी कब्र बन जाये और मैं तुझमे समां जाऊं!

#रोमिल

Tuesday, November 15, 2011

मरने से पहले

अब कुछ भी लिखने को मन नहीं करता,
फिर भी कलम में स्याही डालता रहता हूँ,
शायद मैं मरने से पहले कुछ कहना चाहता हूँ...

सभी खवाब मेरे बिखर चुके है,
फिर भी रोज़ खवाबो की माला मैं बुनता रहता हूँ,
शायद मैं मरने से पहले खवाबो को सच होता देखना चाहता हूँ....

अगर रब मिलेगा कभी,
तो उससे पूछूँगा सवाल बहुत सारे,
पर लोग कहते है मरने से पहले वो किसी से मिलता नहीं है,
फिर भी रोज़ मैं उससे मिलाने की खवाइश दिल में बुनता रहता हूँ,
शायद मैं मरने से पहले रब से कुछ बातें पूछना चाहता हूँ....

मैं मरने से पहले रोमिल दिल को एक बार खुश देखना चाहता हूँ!

#रोमिल

Monday, November 14, 2011

एहसान

"रोमिल, जाते-जाते इस दुनिया से एक एहसान मेरे लिए कर जाना
अपनी कब्र को नाम मेरे कर जाना"

#रोमिल

Sunday, November 13, 2011

मैं हाथ की लकीरों का मोहताज नहीं...

मेरे हौसलों में वो उड़ान हैं मैं अपनी किस्मत बदल लूँगा रोमिल,
मैं हाथ की लकीरों का मोहताज नहीं...

#रोमिल