Monday, May 30, 2011

matti se rishte bhulaye nahi jaate

"matti se rishte bhulaye nahi jaate
kuch riwaz aise hote hai jo tode nahi jaate

insan chahe jitna bhi aagey chale jaye romil
kuch pairon ke nisaan reh jaate hai, jo mitaye nahi jaate"

#Romil

मिट्टी के रिश्ते भुलाए नहीं जाते 
कुछ रिवाज ऐसे होते हैं जो थोड़े नहीं जाते... 

इंसान चाहे जितना भी आगे चले जाए रोमिल 
कुछ पैरों के निशान रह जाते हैं, जो मिटाए नहीं जाते...

#रोमिल

Friday, May 27, 2011

tamasha khud zindagi ko tumne bana rakha hai...

tamasha khud zindagi ko tumne bana rakha hai
ishq ka ajeeb sa khel, khel rakha hai
ajab hai tumhari chahatein romil
jisko dost
usi ko apna dushman bana rakha hai...

#Romil

तमाशा ख़ुद जिंदगी जो तुमने बना रखा है 
इश्क़ का अजीब सा खेल, खेल रखा है 
अज़ब है तुम्हारी चाहते रोमिल 
जिसको दोस्त 
उसी को अपना दुश्मन बना रखा है...

#रोमिल

safar ki kahani

badi ajeeb hai apne safar ki kahani romil
jis raste par bhi chalo
tum ussi raste par aakar mil jaate ho !!!

#Romil

बड़ी अजीब है अपने सफ़र की कहानी रोमिल 
जिस रास्ते पर भी चलो 
तुम उसी रास्ते पर आकर मिल जाते हो...

#रोमिल

waqt

use mere hisse ka waqt nikalna padta hai Romil
ek hum hai jo har waqt uske naam se guzarte hai...

#Romil

उसे मेरे हिस्से का वक्त निकालना पड़ता है रोमिल 
एक हम हैं जो हर वक्त उसके नाम से गुजारते हैं...

#रोमिल

Wednesday, May 25, 2011

मोहब्बत की बस्तियां जलाने के लिए

मोहब्बत की बस्तियां जलाने के लिए 
मेरे शहर में अब भी कुछ लोग है 
शाख से परिंदों को उड़ाने के लिए...

खता एक की
सजा पूरी कायनात के लिए - २ 
मेरे शहर में अब भी कुछ लोग है 
चिंगारी को आग बनाने के लिए...

मंदिर, मस्जिद की लड़ाई, लड़ाने के लिए 
मेरे शहर में अब भी कुछ लोग है 
जात-पात की दीवार बनाने के लिए...

ईमानदारी की बूँद-बूँद को मिटाने के लिए 
मेरे शहर में अब भी कुछ लोग है रोमिल 
पानी में भ्रष्टाचार का ज़हर मिलाने के लिए...

#रोमिल

Tuesday, May 24, 2011

Inaam...

zindagi lutakar tera naam paya hai
romil maine bhi wafa mein kya inaam paya hai...

#Romil

जिंदगी लूटाकर तेरा नाम पाया है 
रोमिल मैंने भी वफ़ा में क्या इनाम पाया है... 

#रोमिल

dunia ke sawalon ne

dunia ke sawalon ne aisa uljaya ki fir sulajh na paya romil
tere-mere rishte ka koi bhi jawab na nikal paya...

#Romil

दुनिया के सवालों ने ऐसा उलझाया की फिर सुलझ ना पाया रोमिल 
तेरे-मेरे रिश्ते का कोई भी जवाब ना निकल पाया...

#रोमिल

गले में बाहें डाल कर मना लेती है

गले में बाहें डालकर मना लेती है 
मेरे गुस्से को पल भर में भगा देती है
खुदा जाने यह हुनर उसने सीखा है कहाँ से रोमिल
गोद में सुलाकर सारे ग़म भुला देती है...

#रोमिल

Sunday, May 15, 2011

मरने के बाद

मरने के बाद भी उसका चेहरा-ए-नूर न देख सका रोमिल
वाह रे मेरे रब उसका पर्दा करना बड़ा कमाल का था...
***
सोचा था कि उसको अपना हमसफ़र बनायेंगे रोमिल 
पता न था उसे तो हमारा रब बनने की चाह थी...
***
इस ज़िन्दगी में तो उसको भूल पाना नामुमकिन हैं रोमिल
मौत के बाद क्या होगा यह देखा जायेगा...

#रोमिल

Saturday, May 14, 2011

मोहब्बत-ए-फ़रिश्ता

मुझसे बिछड़ा और उफ्फ़ तक न की उसने रोमिल,
उसका हमसफ़र कोई मोहब्बत-ए-फ़रिश्ता ही होगा...

#रोमिल

Wednesday, May 11, 2011

कत्ल करके मेरा

कत्ल करके मेरा वो कुछ इस तरह मिलता है रोमिल 
जैसे तूफ़ान के बाद सन्नाटा मिलता है!

#रोमिल

Tuesday, May 10, 2011

yeh kaha mere mehboob jaisa hai...

Yeh alag baat hai iska ehsaas uske jaisa hai
magar hu-ba-hu yeh kaha mere mehboob jaisa hai...

mere gunn jaisa hai...

#Romil

यह अलग बात है इसका एहसास उसके जैसा है 
मगर हू-ब-हू यह कहां मेरे महबूब जैसा है... 

मेरे गुन जैसा है...

#रोमिल

Monday, May 9, 2011

क़ाश

मेरे शहर का मौसम इतना बेरुखा नहीं होता,
क़ाश, आप जैसा कोई मेरे शहर में होता.

मुझे सपनो से मोहब्बत नहीं होती,
क़ाश, आप जैसे का दीदार होता.

हुस्न वाले तो बहुत है मेरे शहर में,
क़ाश, आप जैसा कोई दिलवाला होता.

किसी को नज़रे उठाकर अब मैं देख नहीं सकता,
खुदा कसम,
क़ाश, मेरी नजरों में आपका सपना नहीं होता.

मेरे शहर का मौसम इतना बेरुखा नहीं होता रोमिल,
क़ाश, आप जैसा कोई मेरे शहर में होता !!!

#रोमिल

Sunday, May 8, 2011

रूह से रूह की मोहब्बत होगी

"न मिल सके इस जहाँ में तो क्या,
उस जहाँ में तुझसे मुलाक़ात होगी,

न हो सके तू मेरी इस जहाँ में तो क्या,
उस जहाँ में तू मेरी होगी,

रब के सामने तुझे अपना बनाना है मुझे रोमिल,
न मिल सके यह जिस्म तो क्या,
उस जहाँ में रूह से रूह की मोहब्बत होगी"

#रोमिल

Saturday, May 7, 2011

मैं अपनी हर ख़ुशी को गम का लिबाज़ पहना सकता हूँ...

"न मैं तेरे लिए ताजमहल बना सकता हूँ,
न मैं तेरे लिए दौलत का महल बना सकता हूँ,
जान भी नहीं दे सकता मैं मुहब्बत में तेरे लिए,
क्योंकि मैं अपनी मुहब्बत का मजाक नहीं बना सकता हूँ,
बस सजा यही होगी मेरी रोमिल,
तड़पता रहूँ तेरी मुहब्बत में,
मैं अपनी हर ख़ुशी को गम का लिबाज़ पहना सकता हूँ..."

#रोमिल

Friday, May 6, 2011

अनजाना चेहरा...

अनजाना चेहरा

एक चेहरा हमेशा मेरी आँखों के सामने परछाई बना रहता है,
उस हसीं चेहरे पर मैं अपना नाम लिखना चाहता हूँ...

निगाहें उसकी,
ख़ामोशी में भी बातें किया करती है,
वोह हसीं चेहरा हमेशा ग़ज़ल कहता है...

शोख़ लम्हों को भी, दिल में उतार लेता है,
वोह हसीं चेहरा बारिश में धुंधला-धुंधला दिखता है...

फूल भी उसके सामने कुछ न होगा,
वोह हसीं चेहरा तो खुद गुलाब कहलाता है...

बहुत दूर है मुझसे, कभी रोशनी में मुझे दिखता नहीं रोमिल,
वोह अनजाना चेहरा मगर मेरे मन के  दर्पण में रहता है...

#रोमिल

Thursday, May 5, 2011

बड़ा नसमझ है

अंधेरों में उजाले ढूढता है
बड़ा नसमझ है गुज़रे ज़माने ढूंढता है

ग़मों की गलियों में रहता है 
बड़ा नसमझ है ख़ुशी के खजाने ढूंढता है

मुक़द्दर ही रहा है जिसका कसूरवार
बड़ा नसमझ है हाथों में तकदीर की लकीर ढूंढता है

भला इस ज़माने में कौन किसका होता है रोमिल 
बड़ा नसमझ है अजनबियों में रिश्ते ढूंढता है...

#रोमिल

Tuesday, May 3, 2011

मैं भी खुशनसीब होता

मैं भी खुशनसीब होता
दो घडी के लिए साथ जो आपका होता
मैं भी खुशनसीब होता...

गम की बगिया में खुशियों के फूल खिलते
बिछडे हुए गर दो प्रेमी किसी गली में मिलते
चेहचहाता यह गगन सारा 
महक उठता यह चमन सारा
दो घडी के लिए साथ जो आपका होता
मैं भी खुशनसीब होता...

बारिश में भीग जाते जो तुम
किसी मुन्देरी के नीचे जो होते हम तुम
मेरा कोट तेरे बदन को धक् रहा होता
दो घडी के लिए साथ जो आपका होता
मैं भी खुशनसीब होता...

रेत पर छपे होते जो पाँव के निशान तेरे
समुन्दर में लहरों का उमड़ना होता
हवाओ में उडता जो दुपट्टा तेरा
मेरे कदमो में पड़ा होता...
दो घडी के लिए साथ जो आपका होता
मैं भी खुशनसीब होता रोमिल...

#रोमिल

Sunday, May 1, 2011

आँखें भिगो लेने दो फिर सो जाऊँगा...

आँखें भिगो लेने दो फिर सो जाऊँगा
थोडा सा रो लेने दो फिर सो जाऊँगा...

कागज़ पर बना लूं उसकी तस्वीर फिर सो जाऊँगा
दो-चार शिकवे उसको सुना लूं फिर सो जाऊँगा...

पुराने ज़ख्मो को कुरेद लेने दो फिर सो जाऊँगा
उसकी यादों में गिरफ्तार हो लेने दो फिर सो जाऊँगा...

दरवाज़ों को खुला छोड़ दूं उसके इंतज़ार में फिर सो जाऊँगा
रोमिल आज फिर उसके लौट आने का भ्रम दिल को दिला लूं फिर सो जाऊँगा...

#रोमिल

ख्वाइश...

चाँद को पाने की ख्वाइश तो सब रखते है रोमिल,
 मगर हम चाँद की गोद में सोना चाहते है !

#रोमिल