Thursday, April 28, 2011

हम उनसे मिले मगर कुछ कह नहीं पाए...

हम उनसे मिले मगर कुछ कह नहीं पाए
आँखों में आंसू भरे थे मगर रो नहीं पाए...

लोग पूछते रहे मेरी बर्बाद-ए-ज़िन्दगी की वजह
हम चुप रहे 
मगर किसी से कुछ कह न पाए...

मैं सोचता था वो मेरे हर गम में देगी साथ मेरा रोमिल   
मगर वो मेरी ख़ुशी में भी साथ दे न पाए...

कोरा कागज़ लिफाफे में रखकर उनको भेज दिया
मगर मेरी ज़िन्दगी के राज को वो समझ न पाए...

हम उनसे मिले मगर कुछ कह नहीं पाए...

#रोमिल

Wednesday, April 27, 2011

चलो किसी रोज़ हमतुम मुकम्मल हो जाये

चलो किसी रोज़ हमतुम मुकम्मल हो जाये 
इश्क में ऐसे रोये की पाक हो जाये...

घडी दो घडी का साथ ही काफी है रोमिल 
जो उसकी नज़रों में हम उतर जाये...

बस एक बार उसके लफ़्ज़ों से मोहब्बत के शब्द सुन ले रोमिल
फिर चाहे हम खुदा के घर चले जाये...

#रोमिल

Monday, April 25, 2011

ताश के पत्ते

ताश के पत्ते की तरह 
खेला हैं वो मेरी ज़िन्दगी से रोमिल... 
जीता तब भी महफ़िल में छोड़ गया 
हारा तब भी मुझको वही फेंक गया...

#रोमिल

Saturday, April 23, 2011

इससे बड़ी और क्या बंदगी होगी!

रोमिल, मैं हर ज़ख्म को तेरी रहमत समझ लेता हूँ 
इससे बड़ी और क्या बंदगी होगी!

#रोमिल

Friday, April 22, 2011

नमाज़े इस तरह अदा करता हूँ मैं...

रोमिल, इश्क की मस्जिद बनाई है मैंने
हर पत्थर पर तेरा नाम लिखा है मैंने
रोज़ उसमे तेरी इबादत करता हूँ मैं
नमाज़े इस तरह अदा करता हूँ मैं... 

Thursday, April 21, 2011

कुछ नहीं हासिल होता

उसकी मौत के बाद तुमको यह पता चल गया होगा रोमिल
कुछ नहीं हासिल होता किसी को बर्बाद करने में...

#रोमिल

Wednesday, April 20, 2011

दिल में मलाल तो बस इस बात का रह गया

दिल में मलाल तो बस इस बात का रह गया रोमिल 
ज़िन्दगी लुटाई तो एक बेवफा के लिए...

#रोमिल

Tuesday, April 19, 2011

कौन किसका होता हैं...

कौन किसका होता हैं...
सूख जाये अगर फूल तो पेड़ भी गिरा देता हैं
कौन किसका होता हैं...
~~~
जाने वाला तो दुनिया छोड़ कर चला जाता हैं 
रोने वाला दो दिन बाद भूल जाता हैं 
कौन किसका होता हैं...
~~~
यह जवानी भी दो-चार घड़ी साथ देती हैं
फिर बुढ़ापे की दहलीज़ पर दम तोड़ देती हैं 
कौन किसका होता हैं...
~~~
जब तक दिल बहलाना हो तो लोग इश्क करते हैं रोमिल  
जब दिल भर जाता हैं तो हमसफर भी साथ छोड़ देता हैं
कौन किसका होता हैं...

#रोमिल

Monday, April 18, 2011

कोइए फूल, खिले बिना ही टूट गया

कोइए फूल, खिले बिना ही टूट गया 
कोइए खवाब पूरा हुआ बिना ही रह गया 
हम बेगानों से कुछ इस तरह मिले कि 
अपनों से रिश्ता ही टूट गया...
रात की डोली में कुछ ऐसे सवार हुए 
सवेरे से हाथ ही छूट गया 
जाए तो अब जाए किदर रोमिल  
रास्ते में तन्हा खड़े हैं 
कारवां से नाता ही टूट गया...

Sunday, April 17, 2011

फूल रास्ते पर बिखरे हुए नहीं देखे जाते...

फूल रास्ते पर बिखरे हुए नहीं देखे जाते
किसी की भी आँखों में आंसू के समुन्दर नहीं देखे जाते...
***
सालों बीत गए हैं 
उसकी एक भी खबर नहीं मिली रोमिल 
क्या जुदा होने के बाद 
हालचाल भी नहीं पूछे जाते...

#रोमिल

Saturday, April 16, 2011

वक़्त के तराजू

वक़्त के तराजू से किसी का दर्द नहीं तौला जाता रोमिल 
जितना दर्द मिलता है वो शख्स उतना मुस्कुराता चला जाता...

#रोमिल

ख़त

कहते फिरते हो भूल गया हूँ मैं उसको रोमिल,
रात में चिरागों में चुप-चुप कर जो ख़त पढ़ते हो वोह किसके हैं...

#रोमिल अरोरा

Friday, April 15, 2011

GURU DUTT SPEAKS FOR MALA SINHA - MOVIE PYAASA

"Jab Hum Chale To Saaya Bhi Apna Na Saath De
Jab Tum Chalo Zameen Chale, Aasmaan Chale
Jab Hum Ruke To Saath Ruke Shaam-E-Bebasi
Jab Tum Ruko Bahaar Ruke, Chandani Ruke" 

अलविदा

मेरे ख़त पढ़कर शायद वोह रो पड़ती होगी रोमिल 
मैंने उसको अभी तक अलविदा भी नहीं लिखा!

Thursday, April 14, 2011

इबादत...

मैं और उसको भूल जाऊं 
कैसी बातें करते हो रोमिल?
सूरत तो रब की भी नहीं देखी 
इबादत के लिए उसका नाम ही काफी हैं...

#रोमिल

खैरात...

रोमिल फकीर हूँ, बड़ी आस लेकर तेरे दर पर आया हूँ
खैरात समझ कर ही दे दे मुहब्बत की भीख मुझे...

#रोमिल

Tuesday, April 12, 2011

रिश्ता

यह कह कर उससे रिश्ता तोड़ दिया था मैंने रोमिल
दिल के हाथों मजबूर हूँ
दिल के हाथों बिका नहीं हूँ...

#रोमिल

Monday, April 11, 2011

मजबूर

दो रोटी का चाहतदार था वो
भूख से गिरफ्तार था वो  
गुनहगार नहीं 
चोर नहीं 
रोमिल हालातों से मजबूर था वो

#रोमिल

Sunday, April 10, 2011

सितम

करीब से गुज़र जाती है मगर बात नहीं होती
सितम भी ऐसे करती है जिसकी कोई मिसाल नहीं होती
वो तो सो जाते है तकिये से लिपटकर रोमिल
एक हम है जो उनके खवाबो में जागते रहते है अपनी मोहब्बत की कभी रात नहीं होती!

#रोमिल

Saturday, April 9, 2011

रूह-ए-मोहब्बत

उफ़ उसकी बेरुखी ने इस कदर मेरे दिल में सन्नाटा फैला दिया 
वोह पास से गुज़ारा एक आहट न सुनाई दिया...

क़दमों में बांध रखी थी उसने आंसू की ज़ंजीर
मुझको कभी आंसू के समुंदर में उतरने न दिया...

औरों के डर से उसने कर लिया मुझसे किनारा
दुनिया में मुझे बदनाम होने न दिया...

उसे बेवफा कहूँ तोह कैसे कहूँ रोमिल
रूह-ए-मोहब्बत में उनसे मुझे पाक कर दिया...

Friday, April 8, 2011

मुझे उस शख्स से रूठना नहीं आता

मुझे उस शख्स से रूठना नहीं आता
रिश्ता तोड़ना, बिखराना नहीं आता...

माना की वो अपना घर छोड़कर चला गया है रोमिल
मेरे घर का मसला है
किसी दूसरे के घर बैठकर सुलझाना नहीं आता...

#रोमिल

Thursday, April 7, 2011

तुम लौट कर आने का तकल्लुफ मत करना

तुम लौटकर आने का तकल्लुफ़ मत करना
मैं आऊँगा तुम्हारे पास यह वादा करता हूँ...

तुम मोहब्बत-ए-सफ़र में बनाते जाना अपने क़दमों के निशान
मैं उन क़दमों पर चलकर आऊँगा यह वादा करता हूँ...

जितनी बिताई है तुमने तन्हा रातें मेरे बिना 
उन रातों को फिर से महकाऊँगा यह वादा करता हूँ...

जो ग़लतफहमी थी हमारे-तुम्हारे बीच
जो मसले हमारे तुम्हारे बीच उलझे थे 
रोमिल उनको सुलझाऊंगा यह वादा करता हूँ...

#रोमिल

Wednesday, April 6, 2011

मैं...

उसे खोकर भी खोया नहीं हूँ मैं
रोमिल उसके जनाज़े से लिपटकर रोया नहीं हूँ मैं
कर रहा हूँ इंतज़ार उसका क़यामत तक
अपनी साँसों से रिश्ता अभी तक तोड़ा नहीं हूँ मैं...

#रोमिल

Tuesday, April 5, 2011

मासूम

बड़ा मासूम है वो शख्स रोमिल
फकीर को एक रुपिया देकर कहता है
वो महलों वाली मुझे मिल जाये यह दुआ दो!

#रोमिल

Sunday, April 3, 2011

बंदगी

सुना है लोग बंदगी से खुदा को पा लेते है रोमिल
एक हम है जो
एक इंसान को पा ना सके...

#रोमिल

Saturday, April 2, 2011

चंद मेरी दर्द भरी नज़्में

चंद मेरी दर्द भरी नज़्में पढ़ी तो, वो फूट पड़ी रो-रोकर
या रोमिल ग़र वो मेरा रोता हुआ चेहरा देख लेती  
तो न जाने उसका क्या हाल होता...

#रोमिल

Friday, April 1, 2011

कशमाकश

बड़े कशमाकश में रहता हूँ रोमिल रात भर
नींद में उसके खवाबों का मज़ा लूं
या जाग कर उसकी यादों का मज़ा लूं...

#रोमिल