Saturday, December 31, 2011

kuch shabd...

उसकी तमन्ना के सिवा ज़िन्दगी में कोई तमन्ना नहीं,
मुझे तो रोमिल, ज़र्रे-ज़र्रे में उसका चेहरा नज़र आता है...
***
लोग कहते है परवरदिगार के घर जाया कर,
मैं कहता हूँ उसने अभी तक मुझे अपना पता बताया नहीं.

लोग कहते है रब के सामने सर झुकाया कर,
मैं कहता हूँ रोमिल, वो कभी सामने आया नहीं.

#रोमिल

Friday, December 30, 2011

यादों में चिराग-ए-दिल जलता रहा सारी रात

यादों में चिराग-ए-दिल जलता रहा सारी रात
हम वजह-ए-तन्हाई किसी को बता न सके...
~*~
फैसला-ए-इश्क हमको मंज़ूर था उनका
हम टूटे हुए खवाब किसी को दिखा न सके...
~*~
दामन-ए-यार की आरज़ू थी अपनी
हम जला हुआ हाथ छुपा न सके...
~*~
आरज़ू थी की उनकी नज़रों के नूर बने
हम अपने आंसू बहने से बचा न सके...
~*~
यादों में चिराग-ए-दिल जलता रहा सारी रात
रोमिल, हम वजह-ए-तन्हाई किसी को बता न सके...

#रोमिल

Thursday, December 29, 2011

न जाने कहाँ है मेरा आशियाना

न जाने कहाँ है मेरा आशियाना,
मेरी दुनिया,
मेरा ठिकाना!
~
न कोई मंजिल, न कोई रास्ता है पता,
जाना मुझे कहाँ न इसका पता,
कोई अपना न कोई पराया,
बस पीछे छोड़ते जाना मुझे कदमों के निशाँ!
न जाने कहाँ है मेरा आशियाना,
मेरी दुनिया,
मेरा ठिकाना!
~
कोई न पुकारे मुझे,
न कोई रोके मुझे,
धीमे-धीमे, हल्के-हल्के,
चलते जाना है मुझे वहाँ,
जहाँ मेरा आशियाना,
मेरी दुनिया,
मेरा ठिकाना!
हो... हो
हो... हो
~
अब मुझे फुरसत कहाँ,
अब मुझे चैन कहाँ,
न कोइए दोस्त,
न कोइए हमदम,
बस
चलते जाना है मुझे वहाँ,
रोमिल, जहाँ मेरा आशियाना,
मेरी दुनिया,
मेरा ठिकाना!
हो... हो
हो... हो

Wednesday, December 28, 2011

बड़े याद आते हैं तेरे जनाज़े के फूल

बड़े याद आते हैं तेरे जनाज़े के फूल
मेरी मजबूरियों के फूल
तेरी बेरुखी के फूल...
*
हर कोई देखता हैं मुझे हैरत से
लगता हैं तुमने आसमान में फैला दिए हैं
हमारी मोहब्बत के फूल...
*
उधर तुम भी बेचैन
इधर हम भी बेचैन
चारों तरफ फ़ैले हैं अपनी बेक़रारी के फूल...
*
सूख गए हैं, कहो किससे कहे
आज भी किताबों में रखे हैं
तूझे देने को फूल...
*
गुज़र गया वो ज़माना रोमिल
जब हम भी दीवाना हुआ करते थे
दिल से लगाये रहते थे तेरे लिखे खतों के फूल...
*
बड़े याद आते हैं तेरे जनाज़े के फूल
मेरी मजबूरियों के फूल
तेरी बेरुखी के फूल...

#रोमिल

Tuesday, December 27, 2011

तुझसे मिलने के करता था मैं बहाने कितने...

तुझसे मिलने के करता था मैं बहाने कितने
याद हैं मुझको वो पल
वो बातें
वो फ़साने कितने...
तुझसे मिलने के करता था मैं बहाने कितने...
***
सड़क पर साथ-साथ चलना तेरा साया बनकर
वो देख के तुझको मेरा नज़रे चुराना
रात में छत पर चुपके से आ जाना दीदार को तेरे
तुझसे मिलने के करता था मैं बहाने कितने...
याद हैं मुझको वो पल
वो बातें
वो फ़साने कितने...
तुझसे मिलने के करता था मैं बहाने कितने...
***
वो सहेलियों संग तेरा मुस्कुराना
देखकर मुझको बातें बनाना
धूप में तेरा जुल्फे सुखाना
मेरी हथेलियों को तेरा छूकर निकल जाना
याद हैं मुझको वोह पल
वो बातें
वो फ़साने कितने...
रोमिल तुझसे मिलने के करता था मैं बहाने कितने...

#रोमिल

Monday, December 26, 2011

तेरे नाम की...

हैं चाँद, सितारों में चमक तेरे नाम की
खुदा ने बनाई हैं ऐसी रोशनी तेरे नाम की...
***
न रूप देखा, न सूरत देखी
मन में बसी हैं तस्वीर तेरे नाम की...
***
तू न जाने तेरे बिना कितना दर्द सहा हैं
हर पटरीले रास्ते पर मेरे साथ हैं हिम्मत तेरे नाम की...
***
ज़िन्दगी भर तेरे नाम की माला जपता रहूँ
इतनी श्रद्धा हैं मुझमें रोमिल तेरे नाम की...

#रोमिल

Sunday, December 25, 2011

तेरी मेहंदी पर...

इस जहाँ को
उस जहाँ को लूटा दूं
तेरी मेहंदी पर...
*
नज़रे तकती रहे
यूँ ही खोया-खोया मैं रहूँ
सब कुछ भूला दूं
तेरी मेहंदी पर...
*
यूँ ही पहलू में लेटा रहूँ
तेरे हाथों की चिलमन से चाँद को देखता रहूँ
चाँद-तारें भी कुर्बान हो जाये
तेरी मेहंदी पर...
*
रब के नूर सी लगती हैं तेरी मेहंदी
एक दुआ सी लगती हैं तेरी मेहंदी
हर पल सजी रहे तेरे हांथों में तेरी मेहंदी
हर चाहत,
हर आरज़ू लूटा दूं
रोमिल, तेरी मेहंदी पर...

#रोमिल