Monday, September 5, 2011

मैं भी कितना पागल था...

मैं भी कितना पागल था
तितलियों के नाम रखा करता था...
***
जब फूल खिलते थे
मैं तुम्हारा अक्स ढूँढा करता था...
मैं भी कितना पागल था
तितलियों के नाम रखा करता था...
***
तपती धूप में
सर्द हवाओं में
बारिशों में
मैं तेरे पीछे-पीछे भागा करता था...
मैं भी कितना पागल था
तितलियों के नाम रखा करता था...
***
जब तुम नहीं आती थी
तेरी यादों में उलझा-उलझा रहता था
सुबह से शाम तक उदास इंतज़ार करता रहता था
मैं भी कितना पागल था
तितलियों के नाम रखा करता था...
***
मैं भूल गया था
तितलियों के तो पंख भी होते हैं
खुशबू की चाहत में वो दूर उड़ जाती हैं
फिर कभी लौट कर नहीं आ पाती...
फासले बढ़ जाते हैं...
मैं भी कितना पागल था
तितलियों के नाम रखा करता था...
***
रोमिल मैं भी कितना पागल था...

#रोमिल

Sunday, September 4, 2011

कैसे कहूँ की ज़िन्दगी क्या हैं...

कैसे कहूँ की ज़िन्दगी क्या हैं
बहती हुई नदी की तरह हैं
पूछे 
मांझी से तेरा पता क्या हैं
आया तू कहाँ से
जाना तुझे कहाँ हैं
कैसे कहूँ की ज़िन्दगी क्या हैं...

कैसे कहूँ की ज़िन्दगी क्या हैं
बहती हुई हवा की तरह हैं
पूछे टूटे हुए पत्ते से तेरा ठीकाना कहाँ हैं
आया तू कहाँ से
जाना तुझे कहाँ हैं
कैसे कहूँ की ज़िन्दगी क्या हैं...

कैसे कहूँ की ज़िन्दगी क्या हैं
एक अनजान रास्ता हैं
पूछे मुसाफिर से तेरा पता क्या हैं
आया तू कहाँ से
जाना तुझे कहाँ हैं
कैसे कहूँ की ज़िन्दगी क्या हैं...

#रोमिल

Friday, September 2, 2011

एहसास

यह अलग बात है रोमिल इसका एहसास उसके जैसा है
मगर हू-बा-हू यह कहाँ मेरे महबूब जैसा है...

#रोमिल

Thursday, September 1, 2011

रोमिल... तुमसा

रोमिल... तुमसा कोई होगा इस क़यामत में कबूल नहीं हमको
चाहे खुदा रहे या फिर ना रहे...

#रोमिल

Tuesday, August 30, 2011

मुझसे क्या पूछते हो कि क्या लिखे

मुझसे क्या पूछते हो कि क्या लिखे
किसी बेवफा के नाम वफ़ा लिखे...
~
फिर न हो कि कोई आशिक़, इश्क़ में मरे
कलम उठा के दुआ लिखे....
~
हो जाये न रात किसी की सुबह
इंतज़ार ना करे कोई, यह फरियाद लिखें...
~
दे जाते हैं अपने धोखा इस दुनिया में रोमिल 
अंजानो पर विश्वास ना करे यह सलाह लिखे...

#रोमिल

Monday, August 29, 2011

रात को तुम अपनी सहर समझना

यह कह कर मेरे दर से लौट गया सूरज रोमिल
कि अब रात को तुम अपनी सहर समझना!

#रोमिल

Sunday, August 28, 2011

इश्क के बंधन

यह कैसे इश्क के बंधन में बंधे हो रोमिल 
खुदा का नाम लो तो उसका नाम निकलता है.

#रोमिल

Saturday, August 27, 2011

लगता हैं...

यह आसमान में इतने परिंदे क्यों हैं
लगता हैं फिर कोई हरा-भरा पेड़ गिरा है...
^^^
यह माँ क्यों दहाड़-दहाड़ कर रो रही हैं
लगता हैं फिर कोई बच्चा भूख से मरा हैं...
^^^
यह फिजा क्यों लाल हैं
लगता हैं फिर कोई खेत सूख रहा हैं...
^^^
न २६ जनवरी, न १५ अगस्त, न ०२ अक्टूबर है आज रोमिल
यह जगह-जगह देश भक्ति के गीत क्यों बज रहे है
लगता हैं फिर कोई सिपाही शहीद हुआ
 हैं...

#रोमिल

Friday, August 26, 2011

किसकी मजाल थी...

किसकी मजाल थी हमारा मज़ाक बनाये रोमिल 
यह तो हम खुद थे जो मज़ाक पर मजाक बनते गए...


#रोमिल राज

Thursday, August 25, 2011

छोटी सी बात हैं

छोटी सी बात हैं मगर बादलों को कौन समझाये रोमिल
चाँद को खिलौना बताकर मेरी माँ मुझे सुलाती हैं...

#रोमिल

Wednesday, August 24, 2011

या तो हम ना-समझ है या फिर तू जादूगर है!

ना चाहते हुए भी क़दम, तेरे दर पर आ जाते है रोमिल,
या तो हम ना-समझ है या फिर तू जादूगर है!

Tuesday, August 23, 2011

कब्रों पर सोता हूँ

अजब कहानी है मेरे सोने की रोमिल
कब्रों पर सोता हूँ
दिल की तसल्ली की खातिर...

#रोमिल अरोरा

Monday, August 22, 2011

ऐसी बातें मन को सुकून देती है.

रब से मांगो तो जरुर मिलता है,
रब अपने बन्दे की मद्द जरुर करता है,
रब के नाम से हिम्मत और उम्मीद मिलती है,
.
.
.
.
.
रोमिल, रब कुछ नहीं करता,
बस ऐसी बातें मन को सुकून देती है.

#रोमिल

Sunday, August 21, 2011

ज़िन्दगी लूटा कर तेरा नाम पाया है

ज़िन्दगी लूटा कर तेरा नाम पाया है 
रोमिल, मैंने भी वफ़ा में क्या इनाम पाया है...

Saturday, August 20, 2011

वोह चाँद नहीं मिलता!

किसी को मन चाही मंजिल नहीं मिलती
किसी को कारवां नहीं मिलता,
दुनिया में इंसान तो मिल जाते है,
मगर कोइए अपना नहीं मिलता,
आसमान में तारों की तरह बिखर जाते है अरमान इस दिल के,
दिल में आरज़ू हो जिसकी वोह चाँद नहीं मिलता!
रोमिल वोह चाँद नहीं मिलता!

Friday, August 19, 2011

खुदा के घर तो मेरा रोज़ का आना-जाना हैं.

वोह सोचती थी कि मौत पाकर मुझसे पीछा छुड़ा लेगी रोमिल
मगर वो यह जानती नहीं 
खुदा के घर तो मेरा रोज़ का आना-जाना हैं.

#रोमिल

Thursday, August 18, 2011

मन बेचने से

रोमिल, मन बेचने से लाख गुना अच्छी
औरत वोह है जो अपना तन बेचती है.

Wednesday, August 17, 2011

कुछ कीमती चीज़ खुदा के घर में मिलती है!

हर चीज़ मिल जाये इसी दुनिया में यह मुमकिन नहीं रोमिल,
कुछ कीमती चीज़ खुदा के घर में मिलती है!

#रोमिल

Tuesday, August 16, 2011

मैं नहीं हूँ मैं...

रात भर सो न सका मैं
तेरे आने के इंतज़ार में रहा मैं...
~*~
जब दिखा नहीं मुझे चाँद
घने बादलों को देख रो पड़ा मैं...
~*~
यूँही तड़पता रहा
बेबस रोता रहा
रब से शिकायत करता रहा
क्यों उससे जुदा हुआ मैं...
~*~
यूं तो जिंदा हूँ
सांसें ले रहा हूँ
कभी-कभी मुस्कुरा भी रहा हूँ
तेरी जुदाई से मन ही मन जले जा रहा हूँ मैं...
~*~
एक बार करीब आकर तो देख
तेरे बगैर रोमिल
मैं नहीं हूँ मैं...

#रोमिल

Monday, August 15, 2011

लोग मीलों जाकर भी नहीं भूलते हैं अपनों को

लोग मीलों जाकर भी नहीं भूलते हैं अपनों को
उसकी तरह क्या बिछड़ता हैं कोई?
____
ख़फा रहे वो मुझसे कोई गिला नहीं
कभी-कभी नज़रे तो मिला सकती हैं...
उसकी तरह क्या नज़रे फेर लेता हैं कोई?
_____
हवा भी दरवाज़ा धकेल कर घर में घुस आती हैं
कभी तुम भी हवा की तरह घर में आ जाया करो
क्या इतना भी हक अपनों पर रखता नहीं कोई?
_____
सुबह होते ही चिड़िया आकर बैठ गई मेरे घर की मुंडेरी पर
मैं दूर सड़क तक तुम्हारा रास्ता देखता रहा
फिर रब से बोला क्या अपने घर का रास्ता भूल जाता हैं कोई?
_____
एक परेशानी रहती हैं
उलझा रहता हूँ इस बात में
आखिर क्या वजह थी जुदाई की
"उसने कहाँ था...
दौलत और जिस्म दो ही चीज़ हैं इस दुनिया में"
आओ फिर से सोच कर देखे
शायद इससे बेहतर वजह हो कोई?
_____
लोग मीलों जाकर भी नहीं भूलते हैं अपनों को रोमिल
उसकी तरह क्या बिछड़ता हैं कोई?

#रोमिल

Saturday, August 13, 2011

ओस की बूंदों की तरह गिरते रहे आंसू मेरे

ओस की बूंदों की तरह गिरते रहे आंसू मेरे सुबह तक रोमिल...
मैं कुछ इस अंदाज़ में रोता रहा
उसको मौसम बहुत शबनमी लगा
वो चादर में लिपटकर सोता रहा...

#रोमिल

Friday, August 12, 2011

रात भर नींद नहीं आती है

रात भर नींद नहीं आती है
जैसे आँखों पर उजाला रखा है!
*
वो मुझे देखकर भी दो क़दम नहीं चला यारों
जैसे पैरों में ज़ंजीर बांध रखा है!
*
किससे कहूँ उनकी शिकायत मेरे दोस्तों
हर किसी को तो उन्होंने अपना हमदम बना रखा है!
*
खुदा से बस इतनी सी दुआ मंगाते है हम रोमिल 
वो मेरा दिल रिहा कर दे
जो उन्होंने अपने पहलू में छुपा रखा है!

#रोमिल

Thursday, August 11, 2011

पेड़ से टूट कर टहनी की ज़िन्दगी क्या है?

अपनों से बिछड़कर,
यही सोचता हूँ मैं रोमिल,
कि पेड़ से टूट कर टहनी की ज़िन्दगी क्या है?

#रोमिल

लोग कहते हैं मैं देवदास बना फिरता हूँ!


होंठों पर हंसी
दिल में गम लिए फिरता हूँ
लोग कहते हैं मैं देवदास बना फिरता हूँ!
***
पारो (दोस्त) को
हर चंद्रमुखी में ढूँढता फिरता हूँ
लोग कहते हैं मैं देवदास बना फिरता हूँ!
***
बचपन की यादें
पारो (दोस्त) की बातें याद किया करता हूँ
लोग कहते हैं मैं देवदास बना फिरता हूँ!
***
हूँ नाशे में,
मुझे होश नहीं
मैं यादों का हर पल जाम पिया करता हूँ
रोमिल, लोग कहते हैं मैं देवदास बना फिरता हूँ!

#रोमिल

Wednesday, August 10, 2011

मेरी प्यारी बहन

मेरी प्यारी बहन,
आज तुझे वही बचपन का प्यार दूँ,
अपनी बाहों का तुझे हार दूँ,
वही खट्टी-मीठी तकरार दूँ,
वही स्नेह, वही दुलार दूँ,
मेरी प्यारी गुडिया सी बहन,
तुझे खुशियों का आशीर्वाद दूँ...

तेरी हर छोटी से छोटी जिद्द पूरी कर दूँ,
अपने कंधे पर बैठा कर झुला, झूला दूँ,
तेरी नज़रे उतारू,
तेरी मुस्कान पर अपनी ज़िन्दगी वार दूँ,
मेरी प्यारी गुडिया सी बहन,
तुझे खुशियों का आशीर्वाद दूँ...

#रोमिल

Tuesday, August 9, 2011

बिस्तर पर सन्नाटा सा ठहरा रहता है

बिस्तर पर सन्नाटा सा ठहरा रहता है
कमरा भी रात भर सुना-सुना सा रहता है
रोमिल, रात न जाने कहाँ छुप सी गई है
अब तो आँखों में हर पल सवेरा सा रहता है...

#रोमिल

तेरा मेरा रिश्ता राधा-कृष्ण जैसा...

तेरा मेरा रिश्ता
राधा-कृष्ण जैसा,
रब के घर में यह चर्चा, 
राधा-कृष्ण जैसा.
चाहे चाँद से, चाहे सितारों से पूछो,
चाहे आसमान से, चाहे बादलो से पूछो,
चाहे फूल से, चाहे बागों से पूछो,
चाहे इस दुनिया के जर्रे-जर्रे से पूछो,
सब कहेंगे कि 
तेरा मेरा रिश्ता
राधा-कृष्ण जैसा.


हमारा इश्क,
हमारी वफाएं ,
हमारा विश्वास,
दूर-दूर है हम-तुम बस एक- दूसरे का एहसास 
यही तेरा-मेरा आसरा जैसा,
यह आसरा 
राधा-कृष्ण जैसा.

क्यों इतना खामोश रहती हो,
क्यों व्योग में जलती रहती हो,
क्यों मिलन के लिए 
तड़पती हो,
रब खुद यह कहता है रोमिल,
तेरा मेरा रिश्ता
राधा-कृष्ण जैसा.

#रोमिल

Monday, August 8, 2011

तेरे लिए...

आज भी आधा बिस्तर खाली छोड़ कर सोता हूँ तेरे लिए
आज भी चारपाई के सरहाने सुरहाई में पानी भरकर रखता हूँ तेरे लिए
आज भी मेज की पहली दराज़ में टूटा हुआ चश्मा, दूर की नज़र वाला रखा हुआ है तेरे लिए
आज भी चारपाई के सामने वाली खिड़की पर वही नीले सितारों रंग वाला पर्दा लटका रखा है तेरे लिए   
आज भी गुलदान में गुलाब के फूल सज़ा कर रखता हूँ तेरे लिए
आज भी मेज के किनारे तेरी पसंद की किताबें रखी है तेरे लिए
आज भी घर से निकलने से पहले खाली फ़्रेम पर फूल चढ़ाना नहीं भूलता हूँ तेरे लिए...

आज भी लोग राज को पागल समझते है
आज भी राज मुस्कुराकर सबके सवाल टाल जाता हूँ
आज भी... तेरे लिए...

#रोमिल

Thursday, August 4, 2011

रमजान आ गया, रमजान आ गया .

उम्मीदों का फिर चाँद नज़र आ गया,
रमजान आ गया, रमजान आ गया.
~*~
अल्लाह से मिलने का दिन आ गया,
रमजान आ गया, रमजान आ गया.
~*~
इबादतों का दिन आ गया,
रमजान आ गया, रमजान आ गया. 
रोमिल रमजान आ गया, रमजान आ गया.   

Friday, July 29, 2011

कभी हम पर भी यकीन दिखाया करो!

दिल में कोइए बात हो तो बताया करो
आंसू को अकेले मत बहाया करो
यूँ तो दुनियाभर पर यकीन करते हो तुम रोमिल
कभी हम पर भी यकीन दिखाया करो!

Thursday, July 28, 2011

तेरी पत्थर की मूर्ति बनाऊ, तेरी पूजा करू...

तेरी पत्थर की मूर्ति बनाऊँ
तेरी पूजा करूँ...
दिन-रात जपु नाम तेरा
तेरा पैर धो-धो पियूँ
तेरी पत्थर की मूर्ति बनाऊँ
तेरी पूजा करूँ...
~
प्यार के फूलों से सजाऊँ तुझे
खुशियों के रंग लगाऊँ तुझे
आरती उतारू सुबह-शाम तेरी
तेरी पूजा करूँ...
तेरी पत्थर की मूर्ति बनाऊँ
तेरी पूजा करूँ...
~
दुनिया के तानो की मुझे कोई परवाह नहीं अब रोमिल
मैं तो हूँ पुजारी तेरा यह सबको बताऊँ
प्यार होगा अमर मेरा
दुनिया को दिखलाऊँ
तेरी पत्थर की मूर्ति बनाऊँ
तेरी पूजा करूँ...

#रोमिल

Wednesday, July 27, 2011

तुम ठीक ही कहती हो...

तुम मुझे कायर कहती हो
तुम ठीक ही कहती हो...
~
जो पल हमने साथ बीताये वो जाया गए
तुम ठीक ही कहती हो...
~
मैं तो हूँ तकदीर के हाथों का खिलौना
तुम ठीक ही कहती हो...
~
जिसने जैसा चाहा सजने के लिए मैं वैसा सज गया
जो मिला खाने को वही खा लिया
जहाँ कहाँ सोने के लिए मैं वही सो गया
मेरा खुद का कोई रंग-रूप नहीं
तुम ठीक ही कहती हो...
~
जो चीज़ मैं चाहूँ वो पा नहीं सकता हूँ
अपनी मोहब्बत का इज़हार भी सर-ए-बाज़ार नहीं कर सकता हूँ
न मेरी कोई आरज़ू हैं
न मेरा कोई सपना हैं
मैं तो एक खिलौना हूँ
जो जितनी चाभी भरे मैं उतना ही चलता हूँ
तुम ठीक ही कहती हो रोमिल...
मैं तो एक कायर हूँ
तुम ठीक ही कहती हो रोमिल...

#रोमिल

Monday, July 25, 2011

सहमा सहमा हर लम्हा सा लगता है

▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
सहमा-सहमा हर लम्हा सा लगता है
तेरे बिना सब कुछ भीखरा सा लगता है...

एक पल देख लूं उसे तो जी उठूंगा
भुझती हुई आँखों को यह एहसास सा लगता है...

और कुछ नहीं हासिल हुआ उम्र के तजुर्बे से मुझे
दो वक़्त की रोटी के लिए आदमी देश-विदेश भटकता है…

कल पूछ बैठा कोई मुझसे तस्वीर तेरी देखकर
तेरा इससे कोई दर्द का रिश्ता लगता है...

(⁀‵⁀) .
.`⋎´

▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[रोमिल]▬▬▬

Sunday, July 24, 2011

ए दुनिया वालों तुम मेरी तकदीर पर हंस लो

▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
दीवार पर लटकी हुई बदसूरत तस्वीर पर हंस लो
ए दुनिया वालों तुम मेरी तकदीर पर हंस लो
================================
धोखा खाना तो मेरी आदत है
तुम मेरी झूठी मुस्कराहट पर हंस लो
ए दुनिया वालों तुम मेरी तकदीर पर हंस लो
================================
आशियाना बनाना तो मेरा ख़्वाब था
तुम मेरे ख़्वाबों की नुमाइश पर हंस लो
ए दुनिया वालों तुम मेरी तकदीर पर हंस लो
================================
अपने यार के वादों पर मैं आज भी यकीन करता हूँ
तुम मेरे वादों की ज़ंजीर पर हंस लो 
ए दुनिया वालों तुम मेरी तकदीर पर हंस लो
================================
अपने यार को मैं रब समझा करता हूँ
तुम मेरी इबादत पर हंस लो
ए दुनिया वालों तुम मेरी तकदीर पर हंस लो
================================
(⁀‵⁀) .
.`⋎´

#रोमिल
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[रोमिल]▬▬▬

Saturday, July 23, 2011

कल रात

▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
कल रात कमरे में गया तो बैठे-बैठे कुर्सी पर सोचने लगा यह...
बिस्तर की चादर में पहले जैसी शिलवठे नहीं पड़ती
तुम्हारे टूटे हुए बाल भी कही बिस्तर पर अब नज़र नहीं आते
तकिये पर तुम्हारी लिपिस्टिक के निशाँ बिगड़ चुके हैं
अब तकिया तुम्हारे बालों के टपकते हुए पानी से भीगता भी नहीं
मेज़ पर रखा हुआ तुम्हारा चश्मा कहीं दिखाई नहीं देता अब
जग में अब कोइए पानी भर के बिस्तर के सिरहाने नहीं रखता
कई दिन से किताबों पर धूल जमा हुई हैं, अब कोइए इन किताबों के पन्ने पलटता भी नहीं
कल रात कमरे में गया तो बैठे-बैठे कुर्सी पर सोचने लगा यह...
(⁀‵⁀) .
.`⋎´

#रोमिल
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[रोमिल]▬▬▬

Friday, July 22, 2011

सुना हैं

▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
सुना हैं तुम मोहब्बत कर रहे हो
मेरी जान यह क्या क़यामत कर रहे हो...
~
ज़ख़्मी दिल के साथ फिर खेल रहे हो
मिट्टी का घर हैं
मेरी जान बरसात के साथ क्यों दुश्मनी कर रहे हो...
~
सुकून से सोया करते थे तुम रातों में
क्यों मेरी जान अपनी रातें ख़राब कर रहे हो...
~
टुकडे-टुकडे पहले ही हो चुका हैं दिल तुम्हारा रोमिल,
क्यों मेरी जान इसे ख़ाक में मिला रहे हो...
~
सुना हैं तुम मोहब्बत कर रहे हो
मेरी जान यह क्या क़यामत कर रहे हो...

(⁀‵⁀) .
.`⋎´

#रोमिल
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[रोमिल]▬▬▬

Thursday, July 21, 2011

मौसम रंगीन

▬▬▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
मौसम रंगीन 
शमा भी हैं सुहाना
दिल में हैं दर्द भरा
होंठों पर बस तेरा ही अफसाना...
~
किससे कहे दर्द अपना
हर कोई तो हैं यहाँ बेगाना...
मंजिले हैं जुदा-जुदा
फिर भी बेगानों संग हैं चलते जाना...
~
न कोई शिक़वा-गिला
न कोई अब किस्सा हैं बताना
बस मुझे अकेले ही चलते जाना...

मौसम रंगीन
शमा भी हैं सुहाना
दिल में हैं दर्द भरा
होंठों पर बस तेरा ही अफसाना...

#रोमिल
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[रोमिल]▬▬▬▬▬

Wednesday, July 20, 2011

मेरी ज़िन्दगी जैसे एक कोरे कागज़ की तरह

▬▬▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
मेरी ज़िन्दगी जैसे एक कोरे कागज़ की तरह
न कोइए रंग
न कोइए पहचान हो जिसकी.
बे-मतलब,
बे-मकसद,
एक कोरे कागज़ की तरह.
जितना भी देखना चाहो उसमे
मगर कुछ न दिखाई दे.
मेरी ज़िन्दगी जैसे एक कोरे कागज़ की तरह
उतनी ही साफ़
उतनी ही सुन्दर
न उसमे किसी का रंग चढ़ा हो.
मेरी ज़िन्दगी जैसे एक कोरे कागज़ की तरह...
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[भालू]▬▬▬▬▬

Tuesday, July 19, 2011

यूँही फिरता रहता हूँ मौसम-ए-बरसात में

▬▬▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
यूँही फिरता रहता हूँ मौसम-ए-बरसात में
अपनी यादों के जज़्बात में
सब सुनते हैं मुँह की बातें
कोइए न जाने क्या बीता हैं मेरे साथ में...
***
यूँही फिरता रहता हूँ...
***
रातों को उठ-उठ कर दरवाज़े पर बैठ जाता हूँ मैं
लगता हैं जैसे चाँद से उतर रहा हैं वो
सदियों-सदियों यूँही खोजता हुआ...
यूँही फिरता रहता हूँ मौसम-ए-बरसात में
अपनी यादों के जज़्बात में...
***
वो मेरा आइना उसकी परछाए हूँ मैं
एक ही कमरे में क़ैद रहते हैं दोनों
कभी मैं कहता, सुनती हैं वो
कभी वो कहती, सुनता हूँ मैं...
यूँही फिरता रहता हूँ मौसम-ए-बरसात में
अपनी यादों के जज़्बात में...
***
घंटों बैठा रहता सागर किनारे मैं
लोगों को आते-जाते देखता रहा
तुम नहीं आये मिलने मुझसे
सदियों खामोश गुमसुम सा रहा मैं...
यूँही फिरता रहता हूँ मौसम-ए-बरसात में
अपनी यादों के जज़्बात में...

#रोमिल
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[रोमिल]▬▬▬▬▬

Monday, July 18, 2011

meri deewangi dekhkar hairan ho gaye

meri deewangi dekhkar hairaan ho gaye
khuda tere fariste bhi pareshan ho gaye.

meri baat sunte-sunte chup ho gaye
gagan ke taare bhi simat ke kaali raat ho gaye.

yeh kya puch baitha chand mujhse akele main romil
kya tum har janam ke liye us bewafa ke ho gaye???


‎_____________,✬.*`,✳.*`,✬.
_________,✬.*`,✳.*`,✬__$
______,✬.*`,✳.*`,✬. ____$
___,✬.*`,✳.*`,✬. _______$
__,✬.*`,✳.*`,✬. ________$
_,✬.*`,✳.*`,✬. _________$
,✬.*`,✳.*`,✬. __________$
✬.*`,✳.*`,✬. _______ __ ╱╲ __
✬.*`,✳.*`,✬. _______ ╲* •.•* ╱
✬.*`,✳.*`,✬. _______ ╱ .•*•. ╲
✬.*`,✳.*`,✬. _______ ¯¯ ╲╱ ¯¯
✬.*`,✳.*`,✬.
,✬.*`,✳.*`,✬.
_,✬.*`,✳.*`,✬.
__,✬.*`,✳.*`,✬.
____,✬.*`,✳.*`,✬.
______,✬.*`,✳.*`,✬.
_________,✬.*`,✳.*`,✬.
____________,✬.*`,✳.*`,✬.
________________,✬.*`,✳.*`இܓ ♥...



khuda tere fariste bhi pareshan ho gaye....

#Romil

मेरी दीवानगी देखकर हैरान हो गए
खुदा तेरे फ़रिश्ते भी परेशां हो गए.

मेरी बात सुनते-सुनते चुप हो गए

गगन के तारे भी सिमट के काली रात हो गए.

यह क्या पूछ बैठा चाँद मुझसे अकेले में रोमिल
क्या तुम हर जन्म के लिए उस बेवफा के हो गए?

#रोमिल

चैन नहीं मुझको दो घड़ी के लिए

▬▬▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
चैन नहीं मुझको दो घड़ी के लिए
कितना तड़पता हैं यह दिल उस बेवफा के लिए
~*~
ग़म के बंधन से इस तरह बंद गया हूँ
कि फुर्सत नहीं मुझे दो पल की हंसी के लिए
~*~
हर तरफ अपने हैं दुश्मन ही दुश्मन
दोस्त कब मिलेंगे इस छोटी सी ज़िन्दगी के लिए
~*~
इस तरह "रोमिल" मुझे दुनिया ने बेगाना किया हैं
नफ़रत सी हो गई हैं अपनों के लिए...

#रोमिल
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[रोमिल]▬▬▬▬▬

Saturday, July 16, 2011

सोचा सनम आखिरी सलाम तुझे कैसे भेजू

▬▬▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
सोचा सनम आखिरी सलाम तुझे कैसे भेजू,
घर का पता नहीं, यह गुलाब तुझे कैसे भेजू!
~
बाहरों को मैं किसका पता बताऊँ,
खुशियों को मैं दरवाज़े किसके भेजू!
~
रात भर तू रोशन रहे चिरागों से,
चाँद को घर तेरे मैं कैसे भेजू!
~
अब हो रहा हूँ मैं इस दुनिया से अलविदा रोमिल,
तुझे अपनी मौत का पैगाम कैसे भेजू!
~
सोचा सनम आखिरी सलाम तुझे कैसे भेजू,
घर का पता नहीं, यह गुलाब तुझे कैसे भेजू!

#रोमिल
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[रोमिल]▬▬▬

Friday, July 15, 2011

दीवाना

▬▬▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
रास्ते-रास्ते फिरता हैं
अपना ठिकाना भूल गया
लेकर आँखों में महबूब का चेहरा
दीवाना अपना-पराया सब भूल गया...
~*~
हँसते-हँसते खेल खेले
रोना-धोना सब भूल गया
खेल-खेल में ऐसा टूटा
दीवाना मिट्टी का खिलौना भूल गया...
~*~
जिसको चाहा उसको खोया
कुछ याद रहा कुछ भूल गया
अजनबियों के चहरे में ऐसा उलझा
दीवाना खुद का चेहरा भूल गया...
~*~
क्या कहे किसको सुनाए "रोमिल"
सब गिला, शिकवा भूल गया
ऐसा रूठा ज़माने से
दीवाना सबसे रिश्ता भूल गया...

#रोमिल
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[रोमिल]▬▬▬▬▬

Thursday, July 14, 2011

अपनी बाहों में एक रात गुज़र लेने दो..

▬▬▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
होंठों को छू कर प्यास भुझा लेने दो
अपनी बाहों में एक रात गुज़र लेने दो..
romil....behave yourself!
~
अंग-अंग में प्यार के रंग सजा लेने दो
अपनी बाहों में एक रात गुज़र लेने दो..
romil....behave yourself!
~
यह माथे की बिंदिया
यह होंठों की लाली
यह गालों की गुलाबी
यह फूलों से सजी सेज भिखरा लेने दो
अपनी बाहों में एक रात गुज़र लेने दो..
romil....behave yourself!
~
मेरी तनहाइयों को दूर कर लेने दो
आज बेकरारियों को मिटा लेने दो
मेरे दिल पर हाथ रखो
रखो न
और
धडकनों को करार लेने दोअपनी बाहों में एक रात गुज़र लेने दो..
romil....behave yourself!
plz...romil....behave yourself!!
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[भालू]▬▬▬▬▬▬▬▬▬

Wednesday, July 13, 2011

मुहब्बत के सफ़र में जाने किसको क्या मिले

▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬
मुहब्बत के सफ़र में जाने किसको क्या मिले

किसी को खुदा मिले तो किसी को दिलरुबा मिले

यह कैसा इन्साफ है मोहब्बत में खुदा का, मेरे दोस्तों   
किसी को वफ़ा मिले तो किसी को बेवफा मिले
किसी को खुदा मिले तो किसी को दिलरुबा मिले

बड़ा किया था इंतज़ार उसने तेरा रातों को जग-जग के
खुदा उसको इंतज़ार का कुछ तो सिला मिले
किसी को खुदा मिले तो किसी को दिलरुबा मिले

दिल की बस आरज़ू इतनी सी है
मेरे दिल की आरज़ू बस इतनी सी है   
जिससे ज़ख्म मिले, उसी से दवा मिले
किसी को खुदा मिले तो किसी को दिलरुबा मिले

नाकामियों के बंधन से कभी तो हम अपनी दूर हो पाए रोमिल 
खुदा कोइए तो बेशकीमती चीज़ हमको नसीब से मिले
किसी को खुदा मिले तो किसी को दिलरुबा मिले

#रोमिल
▬▬▬▬▬▬▬[भालू]▬▬▬

Sunday, July 10, 2011

so gaya woh kuch baat kehte kehte

▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
so gaya woh kuch baat kehte kehte
mere aankhon mein aansoo bhar aaye jazbaat kehte kehte


meri khamoshi se yeh mat samajhana ki mujhko us par yakeen hai
juban bhi thak gai hai ab usko bewafa kehte kehte


kabhi chehare se
kabhi juban se pehchan leta tha 
woh hi aaj anjaan ban gaya mujhe apna kehte kehte


arse baad mila woh
aur mera naam puch baitha romil
jo kabhi apni hatheli par mera naam goad leta tha mujhe paane ki dua kehte kehte
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[भालू]▬▬▬

Saturday, July 9, 2011

dheere dheere umar kat jayegi

▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
dheere dheere umar kat jayegi
saath bas yaadon ki kitab reh jayegi
waqt ke saath shayad sab kuch haasil kar lunga
bas mere dil mein tujhe na paane ki kasak reh jayegi...


kabhi dhoop si hai
kabhi badliyaan bhi hai
na jaane yeh zindagi abhi aur kitne mausam dekhayegi...


ek muddat se khabar bhi nahi aai teri
meri roti hui aankhon ko na jaane tu kitna aur rulayegi...


mitti ke bane ghar mein aaj bhi teri mithas hai
pata nahi kab tu fir us ghar ko lapane (paint) aayegi...


nibhane ki chahat agar ho to dono taraf
saath nibhane ki chahat agar ho to dono taraf
maut bhi kisi rishtee ko nahi toodh payegi...


dheere dheere umar kat jayegi
saath bas yaadon ki kitab reh jayegi
romil saath bas yaadon ki kitab reh jayegi... 
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[भालू]▬▬▬

Friday, July 8, 2011

kaash

▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
romil, umar bhar tarsa hoon is baat ke liye hi
kaash woh meri hoti sirf ek raat ke liye hi
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[भालू]▬▬

Thursday, July 7, 2011

nayab sa

▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
nayab sa ek shakhs gawan baitha hoon main
zindagi apni loota baitha hoon main
najane kyon muskurata rehta hoon main
shayad, apne gamo ko dil mein dafna baitha hoon main

#Romil

नायाब सा एक शख्स गवा बैठा हूं मैं 
जिंदगी अपनी लुटा बैठा हूं मैं 
न जाने क्यों मुस्कुराता रहता हूं मैं 
शायद अपने गमों को दिल में दफ़ना बैठा हूं मैं...

#रोमिल
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[रोमिल]▬▬▬

Wednesday, July 6, 2011

क्या मिलेगा किसी को किसी का दिल दुखाने से

▬▬हुकू▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬
क्या मिलेगा किसी को किसी का दिल दुखाने से
शमा भी तड़पती होगी परवाने को जलाने से...
~*~
आँखें नहीं भीगी हैं मेरी सिर्फ
 
आँख तो भर आई होगी उसकी भी बेवफा कहलाने से...
क्या मिलेगा किसी को किसी का दिल दुखाने से...
~*~
कुछ तो बात हैं जरुर
जो मेरे आँगन में चाँद उतरता नहीं
कुछ तो बात हैं जरुर
जो मेरे आँगन में चाँद उतरता नहीं
क्या मिला होगा सितारे को चाँद के कान भरने से...
क्या मिलेगा किसी को किसी का दिल दुखाने से...
~*~
मुझको दिखाकर अँधेरे का रास्ता 
क्या मिला होगा उसको रोशनी से...
क्या मिलेगा किसी को किसी का दिल दुखाने से रोमिल  
शमा भी तरफ्ती होगी परवाने को जलाने से...

#रोमिल
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬[रोमिल]▬▬▬